Tuesday, September 8, 2009

बात तो हुयी
पर वो बात नहीं थी
दिल में कुछ और था
दिमाग ने कुछ और कही

मौसम तो मस्त था
शायद मुस्कुरा भी रही थी
चाँद छुपन छुपाई खेल गया
और सुट्टे का ख्याल भी नही

सुन भी रही थी
पर क्या सुनना चाहती थी
ध्यान कहीं और था?
या फिर दिल में कोई और........

1 comment:

  1. बात तो हुयी
    पर वो बात नहीं थी
    बहुत सुन्दर

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