आँखों में चमक दिख जाती है
जब किसी के करीब होते हो
नज़रें ही पलट जाती हैं
जब हमसे मुख़ातिब होते हो
आवाज़ कि गहराई में नशा छा जाता है
उसके के लिए धुन जब बजाते हो
साज़ का आगाज़ ही नहीं हो पाता
हमारे सामने जब भी आते हो
ख़्वाबों कि दुनिया रंग जाती है
तस्वीर उसकी जब बनाते हो
एक लकीर भी बार बार बिगड़ जाती है
हमारी जुल्फें भी जब सँवारते हो
पर यकीन है हमे
कि हम कुछ ख़ास ही है
जिससे मिलके
सारे होश गँवाते हो
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
एक सुंदर एहसास समेटे भावपूर्ण कविता..सुंदर रचना के लिए धन्यवाद!!
ReplyDeleteआवाज़ कि गहराई में नशा छा जाता है
ReplyDeleteउसके के लिए धुन जब बनाते हो सुंदर रचना