Friday, August 28, 2009

कुछ अपनी अदा में कहिये
सिर्फ़ मुस्कुराना वाज़िब नहीं
वक्त हो गया है बहुत
आपसे कुछ बात किए

शब्दों की ज़रूरत नही
खामोशी में इतनी बात है
आपकी साँसों की खुशबू ही
हमारे लिए कायनात है

संवर जाता है दिन
आपकी एक झलक पाके
धड़कन बढ़ जाती है
परछाई से ही टकराके

पराया न करिए इस हद तक
की आगाज़ हो अंत से
नज़र उठा के देखिये ज़रा
कुछ दिखाई दे इन आँखों में

3 comments:

  1. पराया न करिए इस हद तक
    की आगाज़ हो अंत से
    नज़र उठा के देखिये ज़रा
    कुछ दिखाई दे इन आँखों में
    सुन्दर अभिव्यक्ति

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  2. संवर जाता है दिन
    आपकी एक झलक पाके
    धड़कन बढ़ जाती है
    परछाई से ही टकराके
    बेहद खुबसूरत एहसास .........क्या बात है!

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