नज़रें है किसी और पे
पर देखे है मुझे
ढूंढे है किसी और को
पर पूछे है मुझे
सोचे है किसी और को
पर सताए है मुझे
चाहे है किसी और को
पर बहकाए है मुझे
पर हो रहा है एहसास
की वो बन गया ख़ास
उसको क्या बताऊँ मैं, की कितना उसे चहुँ मैं
क्यूंकि होना चाहे वो किसी और के पास
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ache ahsaas hai dil ke byaan kiye kalam ne
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